काल्पनिक हिलक्रेस्ट ब्लॉक के गाँव वाले हर साल ज़िला कार्यालय को लिखते थे।
सड़क ग्राम पंचायत के पैसे और ज़िले के अनुदान से बनी।
किसानों का कहना है कि अब वे सुबह की बोली से पहले मंडी पहुँच जाते हैं।
6 किमी की सड़क से भरी ट्रॉली का सफ़र दो घंटे से घटकर चालीस मिनट रह गया।

काल्पनिक हिलक्रेस्ट ब्लॉक के गाँव वाले हर साल ज़िला कार्यालय को लिखते थे।
सड़क ग्राम पंचायत के पैसे और ज़िले के अनुदान से बनी।
किसानों का कहना है कि अब वे सुबह की बोली से पहले मंडी पहुँच जाते हैं।
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